मेरा गुप्त जीवन- 131

(Mera Gupt Jeewan- part 131 Filmi Group Sex Chodan)

यश देव 2016-01-11 Comments

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फ़िल्मी सामूहिक चोदन जारी रहा

कम्मो ने थोड़ी देर में ज़ोर से कहा- ज़ूबी तुम्हारा समय खत्म हो गया है और तुम सोमू के ऊपर से फ़ौरन उतर जाओ!
इस समय में ज़ूबी का केवल एक बार ही छूटा।
ज़ुबैदा, जूली और हेमा तीनों मेरे पास नंगी मलंगी आ गई और मेरे शरीर के अंगों को छूने लगी जैसे हेमा मेरे लौड़े के साथ खेल रही थी और बाकी दोनों मेरी चौड़ी छाती के निप्पलों को मसल रही थी।

यह करते हुए ज़ुबैदा बोली- सोमू यार, हमको अभी तक समझ नहीं आया कि तुम्हारा यह कीमती लंड हर वक्त खड़ा कैसे रहता है? कैसे तुम इतनी सारी लड़कियों के साथ एक ही समय में सेक्स कर लेते हो बिना किसी थकावट के या ज़रा भी रूकावट के? क्या तुम्हारे पास कोई मन्त्र है या फिर कोई छुपी हुई शक्ति है? कैसे पॉसिबल है यह सब?
क्यूंकि हमारे बॉय फ्रेंड्स तो ज़्यादा से ज़्यादा 2-3 बार ही फक कर सकते हैं और एक तुम हो जिसने आज 6 लड़कियों को पार लगा दिया बिना रुके या थके, यह कैसे संभव है?

जब तक ज़ुबैदा बोल रही थी, मैं उसकी चूत के काले बालों में ऊँगली चला रहा था और एक हाथ से जूली के स्तनों को दबा रहा था और हेमा अपने सॉलिड मम्मों को मेरी पीठ से रगड़ रही थी।
जैसे ही उसने बोलना बंद किया तो मैंने बिना कुछ जवाब दिए झट से मेरे साथ खड़ी कम्मो को पकड़ लिया और उसको गद्दे पर घोड़ी बना कर चोदना शुरू कर दिया।

मैं इतनी स्पीड से उसको चोद रहा था क्यूंकि मैं जानता था कि इतनी देर से वो सेक्स के करिश्मे देख रही थी, वो चुदाई के लिए पूरी तरह से तैयार होगी।
और वही हुआ!

वो पूरी तरह से तैयार थी और बहुत ही जल्दी वो पानी छोड़ गई।
जब वो उठी तो उसने मुझको कस कर अपने आलिंगन में ले लिया और एक ज़ोरदार चुम्मी मेरे लबों पर जड़ दी और कहा- छोटे मालिक, आप महान हो! इतनी खूबसूरत लड़कियों के बीच में भी आपने मेरा ख्याल रखा! शुक्रिया डार्लिंग!

फिर उसने ज़ुबैदा को बताना शुरू किया- मैं छोटे मालिक के साथ काफी समय से हूँ और मैं इनकी रग रग से वाकिफ हूँ। जो सवाल आपके मन में उठ रहे हैं वो बहुत ही स्वाभाविक हैं और छोटे मालिक की अजीब शक्ति के बारे में उचित हैं।

फिर उसने सब लड़कियों को एक साथ इकट्ठा किया और बोलना जारी रखा- सोमू एक लाइलाज बिमारी में फंसा हुआ है जिसको अंग्रेजी में PRIAPISM कहते है और इसका कोई इलाज भी नहीं है।
वो क्या होता है कि जब छोटे मालिक का लंड खड़ा होता है तो खून लंड की नसों में आ जाता है जैसा कि साधारण इरेक्शन में पुरुषों के साथ होता है। लेकिन इनके लंड की नसों में जो खून आ जाता है वो कई घंटे वापस नहीं जाता है जैसा कि आम आदमियों के साथ होता है जिसके कारण इनका लंड खड़ा रहता है लेकिन छोटे मालिक के साथ एक काम बहुत ही अच्छा होता है, वो यह है कि जब भी इनके मन से सेक्स का विचार दूर हो जाता है तो इनके लंड में आया खून वापस चला जाता है।
इसीलिए जैसे ही यह किसी लड़की या औरत को नग्न अवस्था में देखते हैं तो इनमें इरेक्शन हो जाती है इसीलिए इनको कभी कभी काफी कठनाई का सामना करना पड़ा, और इसी वजह से काफ़ी मोटा अंडरवियर पहन कर बाहर निकलते हैं।

लेकिन यह नार्मल प्रियापिज्म के बीमारों के साथ नहीं होता, उनके लंड की नसों में खून हर वक्त जमा रहता है जिसके कारण उनका लंड हर वक्त खड़ा रहता है और कुछ ही वर्षों में वो नपुंसक हो जाते है यानि उनका लंड खड़ा होने की शक्ति खो देता है।

इसके इलावा जो कुदरत की इन पर मेहरबानी रही है वो यह है कि इनके लंड से वीर्य भी निकलता है जैसे कि नार्मल पुरुषों के साथ होता है लेकिन यह क्रिया प्रियापिज्म के असली बीमार मर्दों में नहीं होती। वो बेचारे फुल इरेक्शन होते हुए ही भी किसी स्त्री को गर्भवती नहीं कर सकते।

हेमा बोली- वाह सोमू, तुम बहुत ही लकी रहे हो इस मामले में! तुम्हारा केस अजीब और अनोखा है लेकिन हम औरतों के लिए बहुत ही फायेदमंद है।
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मैं धीमी आवाज़ में बोला- वो तो ठीक है लेकिन कई बार मैं अपने आपको काफी बदकिस्मत महसूस करता हूँ। क्यूंकि अक्सर लड़कियाँ मेरे लंड की खातिर मेरे निकट आना चाहती हैं ना कि मेरे से प्यार की खातिर।
तब हेमा बोली- पुरुष और स्त्री के सम्बन्ध तो मुख्या तौर पर यौन या फिर सेक्स के कारण ही जुड़े होते हैं लेकिन इसमें बच्चों की पैदायश और वंश का सञ्चालन भी एक अहम कारण होता है लेकिन जिस सम्बन्ध में सेक्स यदि कमज़ोर या फिर ना हो तो वहाँ पत्नी पति के सम्बन्ध टिक नहीं सकते हैं।

कम्मो बोली- तुम लोगों को एक राज़ की बात बताऊँ, छोटे मालिक ने अब तक कई प्यासी लड़कियों और खासतौर पर उन प्यासी औरतों को यौन सुख प्रदान किया है जिनके पति उन को यह सुख देने में किन्ही कारणों से असमर्थ हैं। ये हमेशा कहते है कि जो शक्ति मुझ को ईश्वर ने प्रदान की है, मैं उसका सही उपयोग करना चाहता हूँ। यही कारण है कि छोटे मालिक ने आज तक किसी भी ऐसी औरत या फिर लड़की से सम्बन्ध नहीं बनाया जो उसकी इच्छा के विरुद्ध हो।

यह सुन कर सब लड़कियाँ चुप्पी साध गई और मन ही मन मेरी तरफ ओर भी आकर्षित हो गई।

सबने मेरे चारों तरफ एक घेरा बना लिया और गोल गोल घूमने लगी और कई शरारत करती हुई मेरे जिस्म के अंगों को छेड़ती हुई चक्कर काट रही थी। इस ग्रुप में वो 6 लड़कियाँ भी थी जिनकी चुदाई आज नहीं हो पाई थी।

मैंने कम्मो को बुलाया और कहा- ये जो 6 लड़कियाँ आज चुदाई से वंचित रह रही है उनका भी कांटा आज न खींच दें? वो बेचारी अपने आपको अभागी समझ रही होंगी। तुम एक बार उनसे पूछ लो, अगर वो चाहें तो आज ही उनका काम कर देते हैं।
कम्मो बोली- मैं भी यह ही सोच रही थी… आप रुको, मैं उनसे पूछ लेती हूँ।

थोड़ी देर बाद कम्मो आई और बोली- सब यही चाहती हैं लेकिन आप इन सबका काम कर सकोगे आज?
मैं बोला- कर सकता हूँ अगर तुम साथ दो तो? तुम ऐसा करो सबको कहो वो सामूहिक यौन क्रिया एक दूसरी के साथ शुरू कर दें खास तौर पर बाकी बची 6 लड़कियाँ। फिर जब वो चुदाई के लिए गर्म हो जाएँ तो मेरे जैसे सांड को उन पर बारी बारी से चढ़ा दें।
कम्मो बोली- हाँ, यह ठीक रहेगा।

कम्मो ने सब लड़कियों को लेस्बो एक्शन के लिए प्रेरित किया और उन बाकी बची 6 लड़कियों को अलग से ही लेस्बो एक्ट में लग जाने के लिए कहा और उनमें से पहली लड़की को कम्मो मेरे पास ले आई और मैंने उसको कुर्सी पर झुकने के लिए कहा और फिर पीछे से उनकी उभरी एकदम गीली चूतों में लंड डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से धक्कों की बारिश शुरू कर दी।

दूसरी लड़की को कम्मो उसके मम्मों को चूस कर और उसकी भग को ऊँगली से मसल कर उसको भी तैयार करने लगी।
इस तरह पहली लड़की को सिर्फ 6-7 मिन्ट फ्लैट में आर पार कर दिया और उसके बाद वाली लड़की को भी इसी तरह जल्दी ही छूटने के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया और आखरी के कुछ धक्कों में उसका भी स्खलन करवा दिया।

कम्मो और मेरा यह चुदाई का तरीका सबको बड़ा भाया और सब लड़कियाँ जो आपस में लेस्बो कर रही थी अपना काम छोड़ कर हमारे ये करतब देख रही थी।

इस तरह हमने उन 6 लड़कियों का भी काँटा पूरी तरह से खींच दिया और हर लड़की से कम्मो ने बार बार पूछा कि क्या उनका पानी पूरी तरह से छूट गया या फिर और छुटाने की इच्छा है किसी की?
कम्मो ने सब लड़कियों को इकट्ठी करके पूछा- क्या आप सब में से किसी को और चुदाई करवाने की इच्छा है? तो बोलो? छोटे मालिक का घोड़ा तैयार है?

कोई लड़की भी और करवाने के लिए इच्छुक नहीं दिखी सिवाय एक के और वो थी ज़ूबी, जिस ने मुझको हराने की नाकाम कोशिश की थी।
कम्मो ज़ूबी को गद्दे पर ले आई और उसके साथ खुद भी आ गई और फिर हम दोनों ने उसको मिल कर खूब चोदा। मैं अपने लंड से चोद रहा था उसको और कम्मो अपनी जीभ और उंगलियों के कमाल से उसकी सोई हुई काम इच्छाओं को जगा रही थी।

मैं कम्मो के इशारे पर चलते हुए ज़ूबी को छूटने के कगार पर पहुँचा कर फिर वापस ले आते थे, फिर नए सिरे से उसको गर्म और चरम सीमा पर पहुँचा देते थे।
ऐसा हमने उसके साथ 3 बार किया और आखिर में वो हाथ जोड़ने लगी- मुझको माफ़ करो और अब मुझको पूरा आनन्द लेने दो प्लीज!

तब कम्मो के इशारे पर मैंने उसकी धुआंधार चुदाई के बाद उसको स्खलित होने दिया।
छूटते समय जो उसकी दशा हो रही थी वो वाकयी में देखने लायक थी।
उसका शरीर कई बार कम्पकंपाया और अकड़ा तब जाकर उसको छूटने का आनन्द प्राप्त हुआ।

सब लड़कियाँ यह सारा ड्रामा बड़े गौर से देख रही थी और ज़ूबी के ठण्डे पड़ते ही सबने ज़ोर से तालियाँ बजा कर हम दोनों का अभिनन्दन किया।

कम्मो ने सब लड़कियों को कपड़े पहनने के लिए बोला और हम दोनों भी कपड़े पहनने लगे।
समय देखा तो सिर्फ रात के 11 बजे थे सो हम दोनों उन लड़कियों को कॉटेज में छोड़ कर हवेली आ गए।

कहानी जारी रहेगी।
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