पत्नी से धोखा या तन की जरूरत

(Patni Se Dhokha Ya Tan Ki Jarurat)

राजीव चवन 2017-04-16 Comments

नमस्ते अन्तर्वासना के प्रिय पाठको,
मेरी हिंदी शुद्ध नहीं है, और न ही मैं कोई लेखक हूँ। आशा है कि मेरे लेख में हुई गलतियों को आप अनदेखा कर देंगे।
उम्मीद है कि आप सभी मजे और हंसी ख़ुशी अपना जीवन व्यतीत कर रहे होंगे।

मेरा नाम राजीव है, मैं महाराष्ट्र से हूँ। मेरी उम्र 28 साल है, मैं शादीशुदा हूँ। शादी से पहले मेरी कभी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी। मैं थोड़ा पुराने ख्यालों वाला व्यक्ति हूँ, मेरे विचार हमेशा से ऐसे ही रहे हैं कि एक ही लड़की से प्यार करूँ और अपना सब कुछ उसे ही सौंप दूँ। अगर फिल्मों की भाषा में कहा जाये तो अपना सब कुछ उसी पर न्यौछावर कर दूँ।

25 साल की उम्र में मेरी शादी एक बहुत ही सुशील और अच्छे घर परिवार वाले लड़की से हुई। मैं बहुत ही खुश था, मुझे बहुत ही सुन्दर, सुशील पत्नी जो मिली थी।

सुहागरात पर हमारा सेक्स बहुत ही साधारण सा था। मुझे लगा था कि नए घर परिवार एवम् नए रिश्ते की वजह से मेरी पत्नी असहज थी और यह ठीक भी था।
पर जैसे जैसे हम एक दूसरे जो जानने लगे तब पता चला कि मेरी पत्नी को सेक्स में ज्यादा रूचि ही नहीं है। वह सेक्स को सिर्फ बच्चे पैदा करने का माध्यम मानती है।

शुरू शुरू में मैंने बहुत प्रयास किये, कामसूत्र की किताब के सब नुस्खे आजमा के देख लिए। जब पहली बार मैंने उसकी योनि चाटने का प्रयास किया तब वह रूठ के कमरे के बाहर ही निकल गई।
दूसरे दिन मनाने पर उसने कहा कि वह सब गलत और गन्दा है और वचन मांगा कि मैं ऐसा कुछ दुबारा नहीं करूँगा।

समय के साथ साथ मेरी पत्नी बिस्तर में और भी ज्यादा ठंडी होती गई। शादी के छः माह बाद वह गर्भवती हो गई। उसके बाद हमारा बेटा पैदा होने तक उसने मुझे उसे हाथ भी लगाने नहीं दिया।

बेटे के आने के बाद 5 माह बाद जब मैंने फिर से उसे सेक्स के लिए कहा तब उसने मुझे कहा कि जब हम दूसरा बच्चा चाहेंगे, तब कर लेंगे।
मैंने उसे फिर से विस्तार से समझाया कि सेक्स इंसान की जरूरत है। जैसे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खाने की जरूरत होती है वैसे ही सेक्स की भी होती है।
मैंने उसे ऑनलाइन सारे वैज्ञानिक लेख भी पढ़ने को दिए।
पर सब बेकार गया।

मैं जब भी सेक्स की इच्छा रखता, वह अपनी साड़ी उठा कर के बिस्तर पे लेट जाती और जल्दी से मुझे मेरा काम खत्म करने को कहती।
सेक्स के दौरान वह बिस्तर पर किसी निर्जीव वस्तु की तरह पड़ी रहती।

मेरी पत्नी एक बहुत ही अच्छी गृहिणी है, एक उत्तम माँ है, सभी का पूरे दिल से ख्याल रखती है।

मैं हमेशा से औरतों की इज्जत करने वाला व्यक्ति रहा हूँ, हमेशा से पुरुष और औरत को एक समान मानता आया हूँ। इसी लिए मैंने मेरी पत्नी के इच्छा के विरूद्ध उससे सम्बन्ध बनाना ठीक नहीं समझा।
उसके बाद मैंने कभी उसे सेक्स के नहीं कहा, अपनी उत्तेजना शांत करने के लिए मैंने हस्तमैथुन का सहारा लिया।

अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़कर हस्तमैथुन करना, बस यहाँ तक ही मेरी सेक्स लाइफ रह गई है।

पर कब तक सहन करता! पिछले डेढ़ साल से हस्तमैथुन करते करते मेरी उत्तेजना बहुत ज्यादा बढ़ गई, इस उत्तेजना को शांत करने के लिए मुझे हस्तमैथुन से कुछ ज्यादा चाहिये था, मुझे एक सेक्स पार्टनर चाहिये था।

सब सोच विचार करके मैंने तय किया कि मैं किसी दूसरे शहर की शादीशुदा औरत की तलाश करूँगा जो मेरे जैसे ही हालातों का सामना कर रही हो और जिसे मेरे जैसे ही, सिर्फ एक सेक्स पार्टनर की जरूरत हो।

छः माह पूर्व काफी तलाश करने के बाद मैं इंटरनेट के माध्यम से एक औरत के संपर्क में आया। जैसी और जिन शर्तों पर मुझे सेक्स पार्टनर चाहिए था, वह वैसी ही थी, उसे भी मेरी ही तरह उसी चीज़ की तलाश थी।

चार माह तक हमने चैटिंग की, एक दूसरे को ठीक से जाना, एक दूसरे की जरूरतों को समझा।
फिर हमने वीडियो चाट चैट भी की, वह एक सुन्दर एव आकर्षक महिला थी, सब ठीक था!

पर जब हमने मिलने की बात की, तब मेरे विचार, मेरा मन, मेरा विरोध करने लगे, मेरे मन में ग्लानि के भाव आने लगे। किसी भी हालात में मैं अपनी सुशील पत्नी के साथ धोखा नहीं कर सकता था। जब मैं उसे पूरे तन मन से परिवार की सेवा करते देखता, मेरी परवाह करते देखता, हमारे बेटे को देखता तब मेरी आत्मग्लानि और भी बढ़ जाती।

मेरे शरीर की भूख के आगे मेरे विचारों और मेरे मन की जीत हुई। मैंने उस महिला से क्षमा मांगते हुए कहा- मुझसे ये सब नहीं हो पायेगा। मैं अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता हूँ। आप कृपया कोई दूसरा व्यक्ति ढूंढ लें।
उस महिला ने भी मेरी बात समझते हुए मुझसे अलविदा कहा।
उसके बाद मैंने उस महिला से सारे संपर्क तोड़ दिए।

मैं बहुत ही खुश था… पर सिर्फ 1-2 हफ्तों के लिए! मेरी शरीर की सेक्स की भूख फिर से मुझे अस्वस्थ करने लगी।
पिछले माह से तो कुछ ज्यादा ही।

मैं अपने मन और शरीर के द्वन्द में फसा हुआ हूँ।
मेरी आप पाठकों से विनती है कि कृपा करके आप मेरी सहायता करें, मुझे अपनी राय भेजें, मुझे कोई उपाय बताये कि कैसे मैं अपने आप को इस मुश्किल घड़ी में सम्भालूँ?

आप मुझे अपनी अमूल्य सलाह [email protected] पर भेज सकते हैं। आपके समय के लिए धन्यवाद।

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